बदला कैलेंडर वर्ष का, उत्साह है नव वर्ष का,
अपनो में शामिल आप हैं, सम्मान है नव हर्ष का।
आधरों पे बस मुस्कान हो, जीवन में नव सम्मान हो।
उत्कर्ष हो नव धूप की, नव कीर्ति हो नव रूप की।
नव वर्ष में मैं दे रहा, ढेरों बधाई आप को,
परिवार संग हो मस्तियां, मुंह में मिठाई आप को।

रचना: लीला धर विश्वकर्मा