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Poem Meri-Maa
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मेरी माँ

नरम हाथों से गोद में उड़ाया था जिसने, अमृत सा दूध चखाया था जिसने, नजरों…

Poem Rahi-hu-main
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राही हूं मैं …

बता दो मुझे, ये नए मेहबूब का बाज़ार लगता कहाँ है जज्बातों से खरीदने की…

Shayari Watan-se-ishq
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वतन से इश्क

एक मोहब्बत तिरंगे से भी होती है, जिसे गले लगाने को मौत से गुजर जाना…

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