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Poem Bewafa
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बेवफा (Bewafa)

ग़ैरों को अब गले लगाओ, जाओ तुमको छोड़ दिया। सबको मेरे ऐब गिनाओ, जाओ तुमको…

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सियासत का हाल

सच की बात करे तो गुनहगार ठहरता है, झूठ यहाँ हर चेहरे का गहना-सा लगता…

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गन्दी राजनीति

किसी के वादों पे हो निसार, किसी का सच दबा दे बार-बार, किसी के हिस्से…

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आत्म-मंथन

राहों को पाषाण होने दो, वक्त को व्यवधान होने दो। भीतर की उस ज्वाला से…

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