परिवार से बड़ा कोई सुख नहीं..
परिवार से बड़ा कोई सुख नहीं , परिवार से बड़ा कोई धन नहीं ,…
परिवार से बड़ा कोई सुख नहीं , परिवार से बड़ा कोई धन नहीं ,…
कोई सोना बताता है कोई चांदी बताता है, कोई पत्थर समझ कर के उसे ठोकर…
गुल्हड़ की माला,कुमकुम की थाली कर लो स्वागत आयी है मईया की सवारी अपने बच्चो…
तन भी तेरा, मन भी तेरा तेरी ही प्रभु ये काया है, क्या करना है…
कल जो बेटी थी आज वो माँ बन गयी कभी जो आपकी ऊँगली पकड़ कर…
वो माँ की गोद में बीता जमाना याद आता है, कभी हंसना, कभी रोना, बिलखना…
तुम सुबह- ए-बनारस हो जाना , मै घाट अस्सी हो जाऊंगा ! तुम फ्राइड राइस…
Get मेरे मन में बाबा विश्वनाथ के अर्ध नारीश्वर रूप से एक विचार बार -…
क्यों काफी नहीं था ये कहना की आबरू उसकी लुटी है, जो जिस्म पे लगी…
ऐ जिंदगी, चल फिर एक ख़्वाब सजाते हैं, ख़ुशी पास नहीं तो क्या गम से…