फागुन | Fagun
बाबा रस्ता देख रहे हैं कब आयेंगे लाल हमारे, बिन फागुन के बीत गए हैं…
बाबा रस्ता देख रहे हैं कब आयेंगे लाल हमारे, बिन फागुन के बीत गए हैं…
उत्तर प्रदेश का मस्तक, ‘सोनभद्र (Sonbhadra)’ जिसका नाम, कैमूर की पर्वत मालाएँ और ऋषियों का…
कहाँ कह पाते हैं वो अपनी तकलीफ़ें, हँसकर घर का हर बोझ उठा लेते हैं…
हाँ, पुरुषों का मन भी बड़ा अजीब होता है, उनके मन का भी अपना एक…
चंचल चितवन सुंदर मन, कितना प्यारा है यह तन, मुस्कान खिली है चेहरे पर, नटखट…
नवरंग में दुनिया सजी, नव रूप में हर शख्स है। मसानो में होली खेलता, बाबा…
चलो रंगों से करके बात, रंगों को बुलाते हैं। खुशियों के हसीं रंगों में, मिलकर…
बदला कैलेंडर वर्ष का, उत्साह है नव वर्ष का, अपनो में शामिल आप हैं, सम्मान…
ये शब्दों की व्यथा देखो, जो न कह पाए तो क्या देखो। शब्दों की सी…
ये जीवन है बड़ा छोटा मगर लंबी कहानी है, कोई अपना समझ पाए तो बस…