बेजुबान…
बेजुबान है वो फिर भी, देखते ही कितनी खुशी जता रहा है। सिर्फ दो बिस्किट…
बेजुबान है वो फिर भी, देखते ही कितनी खुशी जता रहा है। सिर्फ दो बिस्किट…
बचकानी सी उन बातों में, बचपन की धुंधली यादों में, जो वक्त के दौड़ में…
नादान है इंसान ये समझ नहीं पाता है करता वो है मगर सब तु ही…
जिसके आगे शीश नवाता सारा संसार है गंगा किनारे बसता जिसका का धाम है कण…
वो मर्द हैं… दिल की बातों को वो जुंबा से कह नहीं पाएंगे, आखों में…
निगाहों में जो लाए हो, मेरे दिल में यहां रख दोl नफरत हो मोहब्बत हो…
तू मेरी बंद डायरी में दफ़्न फटे पन्नों सा है, जिसमें जख्म मेरा पर निशा…
Being happy, Being positive का formula भी, कुछ corona vaccine जैसा है, हर एक दावा…
परिवार से बड़ा कोई सुख नहीं , परिवार से बड़ा कोई धन नहीं ,…
कोई सोना बताता है कोई चांदी बताता है, कोई पत्थर समझ कर के उसे ठोकर…