छोटी कहानी…
ये जीवन है बड़ा छोटा मगर लंबी कहानी है, कोई अपना समझ पाए तो बस…
ये जीवन है बड़ा छोटा मगर लंबी कहानी है, कोई अपना समझ पाए तो बस…
क्या नाम दूं मैं उस रिश्ते को, जिस में थोड़ा सा प्रेम नहीं। बस मतलब…
सुनाई देती है तेरी आवाज़ मुझको धीरे धीरे क्यों, मैं जब भी,जहां जाता हूं.दिल में…
आ गयी तब्दीलियाँ मंजिलों और रास्तों में मगर, आज भी चुपके से सीने में दिल…
दुखी मन की इस पीड़ा पर फिर से बरसने को , बस अब ये स्नेह…
कुछ वक्त, कुछ लम्हे यूँ गुज़ारे भी थे। दर्द था, तन्हाई थी, तमन्नाओं के सहारे…
आवा चला तोहके दरशन कराय देही। असो के नवमी क मेला घुमाय देही।। मौका निकाला…
न हँसती है न रोती है, वो बस चुपचाप लेटी है, दरिंदों ने जिसे लूटा…
जहां देखो वहीं सन्नाटा है, यह चाइनीज माल बड़ा झन्नाटा है, हर गली, हर मोहल्ले…