Browsing: Hindi Poem

Poem mela-k-taiyari
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मेला के तयारी

आवा चला तोहके दरशन कराय देही। असो के नवमी क मेला घुमाय देही।। मौका निकाला…

Poem apni-beti
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अपनी बेटी…

न हँसती है न रोती है, वो बस चुपचाप लेटी है, दरिंदों ने जिसे लूटा…

Poem Dhuwa
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धुंआ हर तरफ है

धुंआ हर तरफ है, लेकिन आग कही -कही, जिधर देखो उधर जलन, मगर बाते बेमतलब…

Poem Har-Har-Mahadev
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हर हर महादेव

तुझे ढूढंते नगरी नगरी, भक्त तेरे अज्ञानी है, बसता है तू मन के भीतर, ये…

Poem Beti
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बेटी…

बना हूंँ मैं पिता जब से मेरी पहचान बेटी है, दुआओं में जिसे पाया है…