Browsing: Hindi Poem

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सियासत का हाल

सच की बात करे तो गुनहगार ठहरता है, झूठ यहाँ हर चेहरे का गहना-सा लगता…

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गन्दी राजनीति

किसी के वादों पे हो निसार, किसी का सच दबा दे बार-बार, किसी के हिस्से…

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आत्म-मंथन

राहों को पाषाण होने दो, वक्त को व्यवधान होने दो। भीतर की उस ज्वाला से…

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फागुन | Fagun

बाबा रस्ता देख रहे हैं कब आयेंगे लाल हमारे, बिन फागुन के बीत गए हैं…

Poem Lila sang holi
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लीला संग होली

चलो रंगों से करके बात, रंगों को बुलाते हैं। खुशियों के हसीं रंगों में, मिलकर…

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