दिल में रख दो…
निगाहों में जो लाए हो, मेरे दिल में यहां रख दो, नफरत हो मोहब्बत हो,…
निगाहों में जो लाए हो, मेरे दिल में यहां रख दो, नफरत हो मोहब्बत हो,…
क्या नाम दूं मैं उस रिश्ते को, जिस में थोड़ा सा प्रेम नहीं। बस मतलब…
सुनाई देती है तेरी आवाज़ मुझको धीरे धीरे क्यों, मैं जब भी,जहां जाता हूं.दिल में…
गगन लिखता हूं मैं खुद को, तुझको चांद लिखता हूँ, मैं खुशियां अपने दामन कि…
आ गयी तब्दीलियाँ मंजिलों और रास्तों में मगर, आज भी चुपके से सीने में दिल…
दुखी मन की इस पीड़ा पर फिर से बरसने को , बस अब ये स्नेह…
अगर नाराज़ हो मुझसे, तो बस मुस्का के कह देना, तुम्हारी इस अदा से जिंदगी…
कुछ वक्त, कुछ लम्हे यूँ गुज़ारे भी थे। दर्द था, तन्हाई थी, तमन्नाओं के सहारे…
आवा चला तोहके दरशन कराय देही। असो के नवमी क मेला घुमाय देही।। मौका निकाला…