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Poem Trinetra
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त्रिनेत्र धारी

गंगा के आवेग को तूने जटाओं में है संभाला विष भरे नागों की पहने है…

Poem jai-bhola-bhandari
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जय भोला भण्डारी

जटाओं मे है तेरी मां गंगा मस्तक तेरा त्रिनेत्र धारी त्रिशूल से करता संघार तो…

Collections ham-hain-na
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हम हैं न…!

भाई ये कहानी है अजीब प्यार के अजीब दास्तान की हम हैं न….! ऐसे ही…

Collections Bezuban
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बेजुबान…

बेजुबान है वो फिर भी, देखते ही कितनी खुशी जता रहा है। सिर्फ दो बिस्किट…

Collections bholenath
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भोलेनाथ

नादान है इंसान ये समझ नहीं पाता है करता वो है मगर सब तु ही…

Poem mard
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वो मर्द हैं…

वो मर्द हैं… दिल की बातों को वो जुंबा से कह नहीं पाएंगे, आखों में…